जिलाध्यक्ष : बिल्हौर के दावेदारों को घाटमपुर के दावेदार दे रहे टक्कर
राहुल त्रिपाठी
मोदी-योगी के नाम से नेतागीरी कर रहे भाजपा सदस्य, सक्रिय सदस्य, मंडल अध्यक्ष, प्रतिनिधि के बाद अब जिलाध्यक्ष के मनोनयन के लिए खोजबीन में जुटी है, इलाके में मुंह से मेहनत कर पालीटिकल नेता अपना-अपना दम भर रहे हैं, लेकिन पक्के सूत्र बताते कि जिलाध्यक्ष के रिपीट होने की उम्मीद काफी कम हैं, लेकिन दांव पेंच से इंकार नहीं किया जा सकता। उधर पुराने जिलाध्यक्षों पर गौर करें तो जाति-बिरादरी और पकड़ का दबदबा रहा, लेकिन संगठन के निचले पायदान के समर्थकों की बात ऊपर तक पहुंचाने में और उनकी इच्छा समझने में अभी तक किसी भी जिलाध्यक्ष का पूरी सफलता नहीं मिली, नतीजतन विधानसभा चुनाव में रिकार्ड मत हासिल करने वाली भाजपा लोकसभा में जीती तो, लेकिन धक्कों के साथ। वैसे गैर विवादित और यस मैन चाहे वह जमीन से जुड़ा हो या न हो ऐसे आवेदक को अध्यक्ष का ताज मिलना लगभग तय माना जा रहा है।
जिलाध्यक्ष पद के लिए जिन 21 लोगों ने आवेदन किया उस सूची के अनुसार ब्राम्हण 7, ठाकुर 2, कटियार 2, यादव 1, दलित 1, पाल 2, गुप्ता 2, कुशवाहा 1 कई दावेदारों की जाति की स्थित स्पष्ट नहीं हो सकी। किसी भी मुस्लिम धर्म के भाजपा समर्थक ने जिलाध्यक्ष बनने की आवेदन की हिम्मत नहीं जुटाई है, जबकि एक मात्र महिला गीता गुप्ता ने जिलाध्यक्ष बनने का दावा पेश किया है।
वर्तमान और निर्वमान जिलाध्यक्ष के साथ कुल 5 नाम ही प्रदेश कार्यालय भेजे जाने हैं, जिसमें एक एससी, एक ओबीसी और एक सामान्य जाति की चर्चाएं हैं। घाटमपुर सुरक्षित सीट अपना दल के पास पहुंचने के कारण उप चुनाव में जीते उपेंद्र पासवान को भी प्रबल दावेदारी कई भाजपाई मान रहे हैं। बिल्हौर और घाटमपुर के दावेदारों में जिलाध्यक्ष पद के लिए सीधी टक्कर है। वहीं कई कथित दावेदारों न अपने डमी दावेदारों से भी आवेदन निर्वाचन में लगे पदाधिकारियों के सामने कराए हैं। नाम घोषित होने के बाद आरोप-प्रत्यारोप किस करवट पार्टी काे ले जाते हैं क्यों कि भाजपा कानपुर ग्रामीण क्षेत्र में 16 मंडलों में अभी तक 9 मंडलों के अध्यक्षों को चयन हो पाया है, जिनका चयन है उन पर भी कई अध्यक्षों पर गंभीर आरोप हैं जबकि शेष सात पर चयन कैसे होगा इसकी भी अंदरूनी हकीकत सामने आएगी।
वर्तमान और निर्वमान जिलाध्यक्ष के साथ कुल 5 नाम ही प्रदेश कार्यालय भेजे जाने हैं, जिसमें एक एससी, एक ओबीसी और एक सामान्य जाति की चर्चाएं हैं। घाटमपुर सुरक्षित सीट अपना दल के पास पहुंचने के कारण उप चुनाव में जीते उपेंद्र पासवान को भी प्रबल दावेदारी कई भाजपाई मान रहे हैं। बिल्हौर और घाटमपुर के दावेदारों में जिलाध्यक्ष पद के लिए सीधी टक्कर है। वहीं कई कथित दावेदारों न अपने डमी दावेदारों से भी आवेदन निर्वाचन में लगे पदाधिकारियों के सामने कराए हैं। नाम घोषित होने के बाद आरोप-प्रत्यारोप किस करवट पार्टी काे ले जाते हैं क्यों कि भाजपा कानपुर ग्रामीण क्षेत्र में 16 मंडलों में अभी तक 9 मंडलों के अध्यक्षों को चयन हो पाया है, जिनका चयन है उन पर भी कई अध्यक्षों पर गंभीर आरोप हैं जबकि शेष सात पर चयन कैसे होगा इसकी भी अंदरूनी हकीकत सामने आएगी।
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