नए सांसद से नई उम्मीदें लगाए बिल्हौर के ३.८१ लाख वोटर
राहुल त्रिपाठी
२००९ परिसीमन के बाद बिल्हौर लोकसभा के अस्तिव समाप्त होने से क्षेत्र के वोटर मिश्रिख लोकसभा सांसद से विकास की उम्मीद आस की टकटकी लगाए हैं। पहले बिल्हौर लोकसभा सांसद स्थानीय मुद्दों को पूरी सक्रियता के साथ उठाते थे और उनको पूरा भी कराते थे, लेकिन अब स्वास्थ्य, शिक्षा, सडक़, सिचाई, ट्रेन ठहराव, बस स्टाप भवन, मुंशिफ कोर्ट स्थापना, ककवन ब्लाक में नियमित बीडीओ की तैनाती, क्षेत्र में सीएनजी पंपों की स्थापना, किसानों की समस्याएं, युवा बेरोजगारों को नौकरी सहित कई बुनियादी जरूरतों वाले और एनटीपीसी उत्तरीपुरा, सिहुरा दाराशिकोह सौर ऊर्जा प्लांट, केंद्रीय विद्यालय, खेल स्टेडियम आदि प्रोजेक्ट्स की कार्रवाई न होने से क्षेत्र लगातार पिछड़ रहा है। इसबार नरेंद्र मोदी के वायदों और इरादों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र की जनता ने फिर से बीजेपी प्रत्याशी अशोक रावत पर भरोसा जता क्षेत्रीय विकास का सपना सजोया है। सीतापुर जनपद स्थित ३२ मिश्रिख लोकसभा के अंर्तगत आने वाले बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र के ३ लाख ८१ हजार मतदाताओं ने परिसीमन के बाद भाजपा सांसद प्रत्याशी अशोक कुमार रावत को दोबारा विश्वास जताकर दिल्ली भेजा है। इससे पहले भी अशोक कुमार रावत २००९ में बसपा में रहते हुए मिश्रिख बिल्हौर से सांसद रह चुके हैं लेकिन नरेंद्र मोदी के वायदों-इरादों को भांपकर इसबार ६० प्रतिशत करीब २.२५ लाख मतदाताओं ने वोट डाल नया सांसद चुना है। वर्ष २०१४ में भी क्षेत्रीय जनता ने भाजपा की प्रत्याशी रहीं अंजू बाला को रिकार्ड मतों से जिताकर सांसद बनाया था, लेकिन स्थानीय पार्टी समर्थकों के बिखराव, संघ-संगठन में मजबूती न बना पाने सहित सासंद आदर्श गांव सिहुरा का तेजी से विकास न होने से किरकिरी से पार्टी ने उनका टिकट काट दिया था। अब क्षेत्र के मतदाता नए सांसद से नई उम्मीदें सजोए बैठे हैं।
''दूसरी बार क्षेत्र से सांसद चुने गए हैं अशोक कुमार रावत''
स्थानीय लोगों को मानना है कि उत्तरीपुरा के सातगांवों के हजारों एकड़ भूमि पर एनटीपीसी पावर प्रोजेक्ट का काम शुरू होने से हजारों लोगों को सीधा लाभ होगा। मंधना-चौबेपुर में नालेज सिटी प्रोजेक्ट दोबारा शुरू होने की आस लोगों को है। इसी तरह जीटी रोड के चौड़ीकरण से क्षेत्र में नए-नए उद्योग-उद्यम लगने की संभावना है। उधर बिल्हौर में लंबी दूरी की टे्रनों का ठहराव स्टेशन पर कराने की उम्मीद भी हजारों दैनिक यात्री नव निर्वाचित सांसद से लगाए बैठे हैं जबकि बिल्हौर में बस स्टाप भवन निर्माण की उम्मीद फिर से ताजा हो गई है। उधर खेलों भारत योजना के तहत खेल स्टेडियम का सात निर्माण क्षेत्र में होने से खिलाडिय़ों को भी नए सांसद से काफी उम्मीदें हैं जबकि वादकारियों और अधिवक्ताओं को बिल्हौर में ही मुंशिफ कोर्ट स्थापना की किरण नए सांसद से है।
''१० साल से अशोक कुमार रावत को बिल्हौर के इतिहास-भूगोल की जानकारी''
क्षेत्र के हजारों किसानों को गंगा, ईशन, नोन, अटक, पांडू नदी में चेक डैम बनाकर सिचाई की समस्या को दूर कराने की आस नए सांसद से लगाए बैठे हैं। अब देखना होगा कि नव निर्वाचित सांसद क्षेत्रीय जनता की उम्मीदों पर कितना खरे उतर पाते हैं।
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बिल्हौर में सेंट्रल स्कूल की मांग वर्षों पुरानी
चार विकास खंडों में २१५ ग्राम पंचायतों और नगर पालिका बिल्हौर, नगर पंचायत शिवराजपुर के हजारों बच्चों की पढाई लिखाई के लिए बड़ी संख्या में अभिवावक कानपुर-लखनऊ पलायन कर जाते हैं। सर्वाधिक बुरा हाल कककवन ब्लाक क्षेत्र का है जहां १० वीं के बाद पढ़ाई की कोई व्यवस्था तक नहीं है। ऐसे में क्षेत्रीय लोग लंबे समय से केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की मांग करते रहे हैं पूर्व में तत्कालीन सांसद अंजू बाला द्वारा लोकसभा में मुद्दा भी उठाया गया, लेकिन पूरे ५ साल विद्यालय स्थापना की घोषणा हवा हवाई ही साबित हुई।
आलू किसानों को फसल का उचित दाम
तहसील क्षेत्र में लाखों की संख्या में किसान बड़ी तादाद में आलू की फसल उत्पादित करते हैं, लेकिन २०१४ के लोकसभा और २०१७ में विधानसभा चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों को उनकी फसल का सही दाम दिलाने का भरोसा भी दिया गया, लेकिन इसके बाद भी तहसील क्षेत्र में आज भी किसानों के आलू खरीद की कोई विशेष व्यवस्था नहीं की गई। किसानों को लखनऊ, दिल्ली, आगरा और पूर्वांचल में आलू बिक्री के लिए कई प्रकार की समस्याएं उठानी पड़ती है और दाम भी कम मिलता है।
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