आरक्षण के ब्रेकर ने बिल्हौर से झिटक गया जिला पंचायत का ताज

 

आरक्षण नीति ने‌ बिल्हौर से छीन लिया जिला पंचायत अध्यक्ष का ताज

 बीते दस वर्षों से बिल्हौर के राधन से जीते जिला पंचायत सदस्य चुना गया अध्यक्ष

 बिल्हौर के बेर्राखानपुर और बकोठी से अब तक हो चुके 4 जिला पंचायत अध्यक्ष

राहुल त्रिपाठी

बिल्हौर। जिला मुख्यालय से दूरी और आरक्षण नीति बिल्हौर की करीब 6 लाख आबादी के लिए कई प्रकार की बाधा बनता जा रहा है। परिसीमन के बाद बिल्हौर लोकसभा का ‌‌अस्तिव समाप्त चुका है, निर्वाचन क्षेत्र मिश्रिख सुरक्षित सीट से जोड़े जाने से इलाके के करीब 4 लाख लोग सिर्फ वोटर बनकर ही रह गए है। बिल्हौर विधानसभा सीट भी आरक्षित होने के चलते बीते कई एसेंबली चुनावों में बाहरी प्रत्याशी ही क्षेत्रीय जनता को चुनने की मजबूरी रहती है। यहीं कारण है कि चार ब्लाकों ककवन, शिवराजपुर, चौबेपुर और बिल्हौर में बटा इलाके में स्थानीय राजनीति पूरी तरह समाप्त सी हो गई।
बीते कुछ वर्षों स्थानीय राजनीति में सक्रिय लोग जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर दमखम से लड़ते रहे और जीते भी। अभी तक बिल्हौर ने कानपुर नगर को चार जिला पंचायत अध्यक्ष दिए हैं सबसे पहले बिल्हौर बेर्राखानपुर गांव निवासी सूरज प्रसाद कटियार, फिर इनकी पुत्री सीमा सचान जिला पंचायत रहीं। इसके बाद इसी गांव के समीप बकोठी के निवासी राधन सीट से विजयी हुए जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र कटियार फिर पुष्पा कटियार जिला पंचायत अध्यक्ष बनी है, लेकिन इसबार बिल्हौर के पेम जिला पंचायत से प्रत्याशी तो मैदान में उतारा, ल‌ेकिन वह जीत नहीं सका। बिल्हौर तहसील क्षेत्र में कुल 11 जिला पंचायत सीटें हैं इनमें बारंडा, नानामऊ, राधन, कसिगवां, ककवन, घिमऊ, बिलहन, मुश्ता, पेम, चौबेपुर, मालौं इन सीटों से जीते सदस्यों का रुख जिस ओर होता है जिला पंचायत अध्यक्ष भी वहीं बना है। इसबार भी कारण चाहे जो भी रहे हो, लेकिन बिल्हौर से जीते जिला पंचायत सदस्यों ने मतदान में अपना मास्टर स्ट्रोक लगाकर घाटमपुर तहसील अंर्तगत गिरसी से जीती स्वप्निल वरुण को जिला पंचायत अध्यक्ष चुना है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष देवेंद्र कटियार गुड्डनी ने नतीजों को बिल्हौर की वास्तविक हार बताया। उन्होंने कहा कि आरक्षण के कारण बिल्हौर में विधायक, सांसद बनना नामुमकिन है, जिला पंचायत अध्यक्ष पद ही बिल्हौर की नाक बचाए था वह भी अब घाटमपुर को चली गई हैं ऐसे में अब बिल्हौर की विकास रफतार और कम होगी। 

X Zila Panchayat Aadhyachh Devendra Katiyar

X Zila Panchayat Aadhyachh Puspa Katiyar

 

टिप्पणियाँ

  1. सच है, आरक्षण के चक्कर मे में बिल्हौर का अस्तित्व खत्म हो रहा है

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